झमाझम खबरें

अब नहीं चलेगी मनमानी: ऑनलाइन उपस्थिति अधूरी तो DEO का वेतन रोका जाएगा

अब नहीं चलेगी मनमानी: ऑनलाइन उपस्थिति अधूरी तो DEO का वेतन रोका जाएगा

अम्बिकापुर।छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में हो रही लापरवाही को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभागीय निर्देशों की लगातार अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त संचालक शिक्षा, सरगुजा संभाग ने संभाग के छह जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।

यह कार्रवाई सरगुजा, जशपुर, कोरिया, बलरामपुर, सूरजपुर एवं मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर (एम.सी.बी.) जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों के विरुद्ध की गई है। जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का पंजीकरण और ऑनलाइन उपस्थिति का कार्य पूर्ण नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों का आगामी माह का वेतन रोका जाएगा।
दरअसल, राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति विभागीय ‘वी.एस.के. एप्लीकेशन’ के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की जानी है। इसके लिए सभी शिक्षकों का पंजीकरण 15 जनवरी 2026 से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी कार्य की धीमी प्रगति को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर द्वारा पत्र जारी कर तीन दिवस के भीतर शत-प्रतिशत पंजीकरण एवं उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दोहराए गए थे।
इसके बावजूद संभाग के कई जिलों में न तो शिक्षकों और विद्यार्थियों का पंजीकरण 100 प्रतिशत हो पाया है और न ही पंजीकृत शिक्षकों के अनुपात में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है। संयुक्त संचालक शिक्षा ने इसे विभागीय निर्देशों की अवहेलना बताते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों के रवैये को कार्य के प्रति उदासीनता एवं खेदजनक माना है।
जारी आदेश में अब सख्त समय-सीमा तय करते हुए निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिला शिक्षा अधिकारी 02 दिवस के भीतर शिक्षकों के पंजीकरण का कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं। साथ ही, ऑनलाइन उपस्थिति की नियमित प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए।
संयुक्त संचालक शिक्षा कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा। यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है और पंजीकरण व उपस्थिति दर्ज करने का कार्य अधूरा पाया जाता है, तो बिना किसी अतिरिक्त सूचना के आगामी माह का वेतन रोकने की कार्यवाही की जाएगी।

इस सख्ती के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है। माना जा रहा है कि अब जिला स्तर पर स्कूलों और शिक्षकों पर ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर दबाव बढ़ेगा और लापरवाही बरतने वालों पर जल्द ही ठोस कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

Back to top button
error: Content is protected !!